!! मधुशाला साहित्यिक परिवार उदयपुर राजस्थान के ऑफिशियल वेबसाइट में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत हैं !!

Tuesday, April 20, 2021

नारी काव्य संहिता

20.4.21 3 Comments


मधुशाला साहित्यिक परिवार की अनुपम प्रस्तुति


💫रचना का नाम- नारी काव्य संहिता

🎦संपादक & लेखक - दीपेश पालीवाल


🔰डाउनलोड करने के लिये लिंक पर क्लिक करें-


डाउनलोड ई-बुक


Download Now Free EBook 

Sunday, November 1, 2020

धीरज हुए विश्वकर्मा गौरव से सम्मानित......

1.11.20 0 Comments

 




1 नवंबर कोजोधपुर में विश्वकर्मा गौरव पाक्षिक पत्रिका द्वारा आयोजित विश्वकर्मा गौरव सम्मान में वागड़ के सकानी निवासी रतनलाल सुथार के पुत्र धीरज सुथार का साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान ओर समर्पित भाव से कार्य करने के लिए विश्वकर्मा गौरव से सम्मानित किया गया इस कार्यक्रम में शिक्षा,साहित्य,खेल,राजनीति,समाजसेवी,भामाशाह आदि लोगो ने शिरकत की कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में माननीय रमेश चंद्र शर्मा जज साहब इनकम टेक्स, एवं सम्माननीय अतिथि में मान्य श्री राघवेंद्र काशवाल , माननीय श्री साहब मटोरिया ( फैमिली कोर्ट जोधपुर ) माननीय श्री मनसाराम सुथार ( स्पेशल जज प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन ) जैसे लोग शामिल हुए,कार्यक्रम के सयोंजक विश्वकर्मा गौरव पाक्षिक पत्रिका के सम्पादक गीतेश जांगिड़ ने सबका आभार व्यक्त किया राज्यस्तर से सम्मानित समाजसेवा में तत्पर भामाशाह नेमीचंद जी जांगिड़ ओर कई महनीय अतिथियों के द्वारा धीरज को विश्वकर्मा गौरव सम्मान मिलने पर गाँव सहित पूरे समाज मे हर्ष व्याप्त है धीरज ने इससे पहले भी साहित्य के क्षेत्र में अपनी मेहनत और लगन से कई उपलब्धियां हासिल की है और कई बार सम्मानित भी हो चुके है जिसमे प्रमुख है श्री विश्वकर्मा मेवाड़ा सुथार समाज विकास संस्थान द्वारा "समाज गौरव"सम्मान,FORTI द्वारा सम्मानित(राजस्थान में व्यापारियों/उधोगपतियो का समूह), श्री विश्वकर्मा मेवाड़ा सुथार समाज विकास संस्थान,वागड़ द्वारा "विश्वकर्मा समाज गौरव" सम्मान, राजस्थान पत्रिका,डूँगरपुर,वागड विभा साहित्यिक संस्थान,भारत विकास परिषद् ,वंदेमातरम् शाखा,डूँगरपुर ओर कई साहित्यिक समूह ओर संस्थाओं द्वारा सम्मानित धीरज से अनेकों उपलब्धियां भी हासिल जिसमे प्रमुख है आशुभाषण ओर वाद विवाद प्रतियोगिता में ब्लॉक स्तर पर प्रथम स्थान,आशुभाषण प्रतियोगिता में जिला स्तर पर तृतीय स्थान,कवि सम्मेलन के मंचो पर ओर सामाजिक मंचो पर काव्यपाठ,राष्ट्रीय पत्रिकाओं में अपनी रचनाओं का प्रकाशन,डिजिटल यूथ कल्चर फेस्टिवल 2020-विचार मंच में प्रथम स्थान,JK 24×7 न्यूज़ चैनल के आपणो राजस्थान कार्यक्रम में काव्यपाठ का भी अवसर मिला इनकी कविता,मुक्तक,कहानी,लेख राष्ट्रीय अखबारों और मासिक पत्रिकाओं में नित्य प्रकाशित होते है धीरज का कहना है कि जिस भी लक्ष्य को हम पाना चाहते है उसके प्रति हमे पूर्ण समर्पित होना पड़ेगा और निरन्तर प्रयास करना पड़ेगा हार-जीत तो होती रहेगी और हम जितना इस सँघर्ष के मैदान में डटे रहे हम निखरते जाएगे ओर एक दिन जरूर अपने लक्ष्य को पा लेंगे धीरज साहित्य के क्षेत्र के साथ शिक्षा के क्षेत्र से भी जुड़े है सामाजिक कार्यक्रम में भी सक्रिय भागीदारी निभाते है और मानव सेवा और प्रकृति की सेवा हेतु अपने मित्रों के साथ मिलकर भगतसिंह युवा मंडल का गठन कर गरीबो की सेवा,वृक्षारोपण ओर महापुरुषों की जयंती ओर पुण्यतिथि पर युवाओ के कार्यक्रम आयोजित कर उन महापुरषों के जीवन के बारे में बताते है और एक बेहतर भारत के निर्माण में युवाओ की भूमिका रहे इसके लिए प्रयासरत रहते है इनकी कविताओं में प्रेम के गीत भी होते है और युवाओं को जागृत करने वाले स्वर भी बेटियों ओर महिलाओं की पीड़ा भी लिखते है तो स्वच्छता जैसे विषयों पर अपने गीतों से लोगो को जागरूक किया है राष्ट्र को सशक्त बनाने की गूँज भी इनकी लेखनी में देखी जा सकती है और अपने भाषणों के माध्यम से लोगो को जागृत करते रहते है सामान्य घर से होने के बावजूद अपनी मेहनत के बल पर आज धीरज ने एक विशिष्ट पहचान हासिल की है।

Wednesday, September 30, 2020

भावुक दिल से ई-बुक

30.9.20 1 Comments
भावुक दिल से


 नमस्कार पाठको,जैसा की आप सभी जानते ही होंगे की हमारे ब्लॉग में आपको सभी तरह की उपयोगी जानकारी हिंदी भाषा में मिलती है लेकिन आज का ये पोस्ट इन सभी से अलग है इस पोस्ट में आज हम आपके साथ शेयर कर रहे है हमारे मधुशाला साहित्यिक परिवार की अनुपम प्रस्तुति भावुक दिल से  इस बुक में आपको दिल्ली के सुप्रसिद्ध रचनाकार  डॉ. अवधेश तिवारी जी "भावुक" की बेहतरीन रचनाए देखने को मिलेगी 
ये भी जरुर पढ़े-
  1. कलम चलने दो-1
  2. कलम चलने दो-2

मै आप से निवेदन करता हु की आप सभी एक बार इस पुस्तक को पूरा जरुर पढ़े है क्योकि इस पुस्तक को मधुशाला परिवार की तरफ से बहुत मेहनत और अथक प्रयास से बनाया गया और ये संस्करण आपको बिलकुल फ्री में उपलब्ध करवाया गया है । 

यहाँ पर मै आपको इस बुक का विवरण और इस बुक को आप किस तरह से फ्री में download कर सकते है इसके बारे में पूरी जानकारी देने वाला हूँ तो चलिए देखते है
पुस्तक की जानकारी-
पुस्तक का नाम- भावुक दिल से
प्रकाशकमधुशाला साहित्यिक परिवार उदयपुर,राजस्थान
रचयिता - डॉ. अवधेश तिवारी "भावुक "
कवर और बुक डिजाईन-Madhushala Poetry 


Friday, September 25, 2020

पशु सेवा कर दे रहे पशु प्रेम का संदेश....

25.9.20 1 Comments




प्रेरणा पशु सेवाकर, समाज को दे रही पशु प्रेम का सन्देश...


लॉक डाउन के दौरान अम्बाला केंट निवासी प्रेरणा अरोड़ा ने , शहर में  घूम रहे आवारा पशुओं की सेवा करने तथा उनके भोजन एवं सामान्य बीमारियों  उपचार के का बीड़ा उठा लिया है।

इस क्रम में वे अब तक कई आवारा    कुत्तों का उपचार करवा चुके है। तथा इसी क्रम में वे उनके स्वस्थ्य होने तक उनकी देखभाल अपने घर मे ही करती है।

प्रेरणा बताती है कि लोग बेजुबान पशुओं के साथ हिसंक व्यवहार करते है ,जो कि बिल्कुल भी उचित नही।


 प्रेरणा नियमित अपनी कॉलोनी में घूम रहे लगभग में  सभी कुत्तों को  भोजन करवाती है ,तथा बीमार पशुओं को उपचार हैतु पशु चिकित्सालय ले जाती है।
ओर इसका पूरा खर्च वो अपनी मासिक बचत से करती है।


प्रेरणा इसी प्रकार से पशु सेवा का कार्य करते हुए समाज मे भी  पशु प्रेम तथा पशु सेवा का संदेश दे रही है।

Sunday, September 13, 2020

कलम चलने दो 3

13.9.20 2 Comments


नमस्कार पाठको,जैसा की आप सभी जानते ही होंगे की हमारे ब्लॉग में आपको सभी तरह की उपयोगी जानकारी हिंदी भाषा में मिलती है लेकिन आज का ये पोस्ट इन सभी से अलग है इस पोस्ट में आज हम आपके साथ शेयर कर रहे है हमारे मधुशाला साहित्यिक परिवार की अनुपम प्रस्तुति कलम चलने दो-3 इस बुक में आपको हिन्दुस्तान के 11 राज्यों के लगभग 75 रचनाकारों  रचनाये मिलेगी...

ये भी जरुर पढ़े-

  1. कलम चलने दो-1
  2. कलम चलने दो-2

मै आप से निवेदन करता हु की आप सभी एक बार इस पुस्तक को पूरा जरुर पढ़े है क्योकि इस पुस्तक को मधुशाला परिवार की तरफ से बहुत मेहनत और अथक प्रयास से बनाया गया और ये संस्करण आपको बिलकुल फ्री में उपलब्ध करवाया गया है । 

यहाँ पर मै आपको इस बुक का विवरण और इस बुक को आप किस तरह से फ्री में download कर सकते है इसके बारे में पूरी जानकारी देने वाला हूँ तो चलिए देखते है
पुस्तक की जानकारी-
पुस्तक का नाम-कलम चलने दो -3
प्रकाशकमधुशाला साहित्यिक परिवार उदयपुर,राजस्थान
संपादक-दीपेश पालीवाल 
कवर और बुक डिजाईन-Madhushala Poetry 

यहाँ पर हम आपको 2 लिंक दे रहे है आप चाहे जिस लिंक से इस बुक को फ्री में download कर सकते है